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झूलेलाल चालिहा शोभायात्रा से 48 घंटे पहले भी दक्षिण की सड़कें बदहाल, तैयारियों पर उठे सवाल

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नगर आयुक्त के निर्देश के बावजूद नहीं सुधरी सड़कें, सीटीआई नहर की सिल्ट भी नहीं उठी; अवैध होर्डिंग और सफाई व्यवस्था को लेकर नाराजगी

संजीव शुक्ला

कानपुर। झूलेलाल चालिहा महोत्सव के तहत होने वाली शोभायात्रा में अब महज 48 घंटे का समय शेष है, लेकिन कानपुर दक्षिण क्षेत्र में तैयारियां अभी भी अधूरी नजर आ रही हैं। शोभायात्रा मार्ग की बदहाल सड़कों, नहर में जमा सिल्ट, अवैध होर्डिंग, खराब स्ट्रीट लाइट और सफाई व्यवस्था को लेकर झूलेलाल चालिहा महोत्सव समिति ने नगर निगम समेत संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

समिति का आरोप है कि नगर आयुक्त के निर्देश के बावजूद सड़कों के सुधार का काम धरातल पर दिखाई नहीं दे रहा है। सफाई अभियान भी कागजों तक सीमित है। शोभायात्रा मार्ग पर कई स्थानों पर सड़कें खराब हैं, जबकि जल निगम की ओर से खोदी गई सड़कों को भी अभी तक पूरी तरह दुरुस्त नहीं कराया गया है।


सीटीआई नहर से निकली सिल्ट नहीं उठी, खराब लाइटें भी बनी समस्या

झूलेलाल चालिहा महोत्सव समिति के पदाधिकारियों के मुताबिक सीटीआई नहर से सिंचाई विभाग द्वारा निकाली गई सिल्ट अभी तक उठाई नहीं गई है। इससे आसपास गंदगी और अव्यवस्था की स्थिति बनी हुई है। वहीं शोभायात्रा मार्ग पर लगे कई स्थानों की खराब स्ट्रीट लाइटों को भी ठीक नहीं कराया गया है।

समिति का कहना है कि नगर निगम की ओर से न तो पर्याप्त सफाई कराई गई और न ही आवारा जानवरों को पकड़ने का अभियान प्रभावी तरीके से चलाया गया। इसके अलावा जगह-जगह लगे अवैध होर्डिंग भी अभी तक नहीं हटाए गए हैं।

पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि मेट्रो परियोजना से जुड़े अधिकारियों ने भी शोभायात्रा मार्ग को व्यवस्थित कराने की दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की है। वहीं लोक निर्माण विभाग द्वारा सीटीआई से बर्रा बाईपास तक सड़क सुधार का कार्य भी नहीं कराया गया है।

कई विभागों की लापरवाही पर मुख्यमंत्री से करेंगे शिकायत

झूलेलाल चालिहा महोत्सव समिति के महामंत्री रमेश सिहवानी, सतीश रोचलानी, दीपक अशवानी और मनोज त्रिवेदी ने कहा कि कानपुर के सिंधी समाज के लोग अधिकारियों की कार्यप्रणाली से आहत हैं। उनका आरोप है कि समस्याओं को लेकर दिए गए पत्रों पर समय से कार्रवाई नहीं होती और कई बार पत्रावलियां एक-एक महीने तक कार्यालयों में लंबित रहती हैं।

पदाधिकारियों ने कहा कि सांसद रमेश अवस्थी की ओर से भेजी गई चिट्ठी भी नगर आयुक्त कार्यालय में करीब एक महीने से लंबित है। इसी तरह वन विभाग से संबंधित पत्र को भी कार्रवाई के लिए आगे नहीं बढ़ाए जाने का आरोप लगाया गया है।

समिति पदाधिकारियों ने कहा कि इन सभी मामलों को लेकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। रिपोर्ट को उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह और विधायक अरुण पाठक के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजकर कार्रवाई की मांग की जाएगी।

कर्मचारियों की उपस्थिति और स्थायी उद्यान अधिकारी की भी उठी मांग

समिति ने नगर निगम के कर्मचारियों के समय से कार्यालय नहीं पहुंचने का भी मुद्दा उठाया। पदाधिकारियों का कहना है कि विभागीय कामकाज में जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने नगर निगम के उद्यान विभाग में स्थायी उद्यान अधिकारी की नियुक्ति किए जाने की मांग की है।

इसके साथ ही आंधी के दौरान गिरे पेड़ों की घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी की गई है। समिति का कहना है कि शोभायात्रा से पहले संबंधित सभी विभागों को समन्वय बनाकर सड़क, सफाई, प्रकाश, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करना चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

समिति पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं की गईं तो संबंधित विभागों की लापरवाही और पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट शासन स्तर तक पहुंचाई जाएगी।

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